नए साल का धमाका !!

नमस्कार,

अब क्या बताऊँ आपको, दिल तो कई बार हुआ के कुछ लिख दूँ परंतु यह ज़ालिम सर्दी का मौसम और ऊपर से ये आलस। और अगर किसी तरह हिम्मत कर के अपनी गरम रजाई से बाहर निकल भी आता तो दिमाग में गरमा गरम मूंगफलियों के सिवा कुछ सूझता ही नहीं था। खैर अब तो एक महीना ख़तम होने को आया। तो कैसा बीत रहा है आप का नया साल।उम्मीद करता हूँ सब मंगल ही हो। मेरा साल तो अभी तक प्रभु की कृपा से ठीक ही है।हाँ बस अभी तक एक सड़क दुर्घटना हुई और मेरे एक परम मित्र के घर में दिन दहाड़े कुछ चोर हाथ साफ़ कर गए।बस बाकि तो सब ठीक ही है।

आप कहेंगे की कैसा निर्लज है, अपनी न सही दूसरों के साथ घटी दुर्घटना पे भी कह रहा है के सब ठीक है। तो प्रभु बात ऐसी है के घटना का तो काम है घटना।यहाँ नहीं तो कही और घटेगी, मेरे साथ नहीं तो किसी और के साथ।परंतु वो तो घट के ही रहेगी। अब आप ही बताये की जब गो माता को अपने कोप का भाजन बनाना था तो सामने कोई भी होता, उन्हें तो सींग मारनी ही थी।इत्तफाक से सामने हम अपनी मोटरसाइकिल पे लहराते हुए आ गए, और माता ने अपना पूरा लाड हम पर दे मारा।बस इतना प्यार हम झेल न पाए और और वही फ्लैट हो गए।

खैर यह तो हमारा किस्सा था, कुछ दिनों पूर्व हमारे परम सखा का फ़ोन आया और उन्होंने उनके साथ घटी घटना के बारे में बताया।कोई और कमजोरदिल होता तो दहाड़े मार मार के रोता, परंतु हमारा दोस्त दिलेर है।चोर उनके घर से सारा कीमती सामान उनके रहते ले गए, वो भी सुबह सुबह। चोर अपना काम करते रहे और हमारे मित्र सच्चे कुम्भकरण भक्त की भांति सोते रहे।उनका दोष भी नहीं है, यह सर्दियों में सुबह बड़ी गज़ब की नींद आती है। हमे तो कुछ ज्यादा ही आती है। चलिए ऊपरवाला उन चोरो को उनकी मेहनत का फल दे यही कामना करता हूँ।

चलते चलते

वैसे तो कोई शेर लिखता, लेकिन ठण्ड बहुत है तो शेर भी सोने गया।  आप भी सो जाइये।

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