लाल बत्ती

नमस्कार!

 

एक बार फिर प्रस्तुत हूँ आपके सम्मुख कुछ नया ले कर. जैसा के आप शीर्षक से अंदाज़ा लगा चुके होंगे के आज कुछ बातें लाल बत्ती के बारे में करूँगा. आखिर आप के लिए क्या मायने हैं लाल बत्ती के?..आप को हैरत होगी यह जान कर के विभिन्न लोगों के लिए यह लाल बत्ती एक दम अलग अर्थ रखती है. आप खुद सोचिये…आप के लिए क्या अर्थ है लाल बत्ती का? किस प्रकार का द्रश्य आपके मस्तिष्क में उभरता है जब आप सोचते है लाल बत्ती के बारे में?

 

बहुतों के लिया यह खतरे का सूचक है, परन्तु अगर यही लाल बत्ती आप की गाड़ी के ऊपर लग जाये तो साहब, आप सच में साहब बन जायेंगे…और इश्वर न कर परन्तु यदि आप को एक लाल बत्ती वाली गाड़ी में अस्पताल जाना पड़े तो जनाब इस लाल बत्ती का एक दम अलग ही अर्थ निकल आता है….

 

दिल्ली की गर्मी में जब आप सड़क के ट्राफिक पे इस लाल बत्ती को देखते हैं तो जो मनोभाव आपके ह्रदय में उमड़ते हैं उनसे मैं भालीभाती वाकिफ हूँ….परन्तु इस लाल बत्ती की महिमा तो देखिये!!…एक तरफ आप को छुए बगैर इतनी पीड़ा दे रही है…वहीँ दूसरी तरफ ज़रा उन भिखारिओ के बारे में सोचिये जो लाल बत्ती के होते ही आप के चारो तरफ मक्खियों की तरह भिन्न भिनते हैं….अरे साहब उनके लिए यह लाल बत्ती उनकी रोज़ी रोटी है….जी हाँ, कमाल की है यह लाल बत्ती..!

 

चलते चलते..

 आज आपके लिए अपने एक मित्र की लिखी हुई दो पंक्तियाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ…

 

चल  उठ  आज  फिर  की  देख  तेरे  साथ  क्या  क्या  चलता  है

जो चलना छोड़ते नहीं, रस्ते या बिन रास्तों के, उनके पीछे एक दिन सारा जहाँ चलता है

 

          — सोनाली मोहपात्रा

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